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Arjun Dey

बस इतना काफी था

Trained classical, quit at 20 to make pop his teacher would hate

the numbers

bpm
99
key
F minor
energy
0.70
dance
0.93
valence
0.55
vocal at
9.6s
length
3:33
language
Hi

lyrics

मक्खन-सी सुबह, बटेर रोड पर धूप थी

तिरुपति टी-स्टॉल पर तुम्हारी चुप थी

मेरे बैग की जेब में टूटा-सा पेन था

तुमने कुछ न कहा, बस चेक किया मेरा फेन था

दोपहर के बाद, कॉलेज गेट के पास

तुमने मेरी कलाई पकड़ी, एक पल के लिए खास

मैं कुछ भी न समझा, बस देखा तुम्हारे हाथ

कंचे-सी ठंडी थीं, पर काँप रही थीं आज

बस इतना काफी था

बस इतना काफी था

बस इतना काफी था

बस इतना काफी था

तुमने कहा नहीं, पर मैंने सुन लिया

दीवार पे टँगी थी पुरानी-सी घड़ी

सात बजकर पाँच, रसोई में चाय की कड़ी

तुमने मेरी कॉपी पर अपना नाम लिखा

फिर बीच के पन्ने में, मेरा छोटा-सा फ़ोटो रखा

मैंने पूछा भी नहीं, पर सब साफ़ था

तुम्हारे गले में बंधा वही नीला रुमाल था

जिसे तुम हर हफ्ते धोकर सूखने देते

उस दिन पहली बार मैं खुद को घर कहते

बस इतना काफी था

बस इतना काफी था

बस इतना काफी था

बस इतना काफी था

तुमने कहा नहीं, पर मैंने सुन लिया

रात के रकाबों में, चम्मच की हल्की टन

तुमने मेरी दवा के साथ रख दी एक रुई-पट्टी संन

ना ताली, ना तारीफ़, ना लंबा कोई नाम

बस एक छोटे से काम में पूरा हो गया काम

बस इतना काफी था

बस इतना काफी था

बस इतना काफी था

बस इतना काफी था

तुमने कहा नहीं, पर मैंने सुन लिया