दिल ने छोड़ा वो पुराना नक्शा
Trained classical, quit at 20 to make pop his teacher would hate
the numbers
- bpm
- 99
- key
- F minor
- energy
- 0.70
- dance
- 0.94
- valence
- 0.58
- vocal at
- 2.2s
- length
- 3:46
- language
- Hi
lyrics
लंच के बाद था, दफ्तर की कुर्सी फोन पलटा देखा, स्क्रीन पर धूल सी गंगा से आई, हवा में नमी कल तक जो था, आज उतरी कमी कभी उंगली चलती थी, नाम पे तुम्हारे अब चाय ठंडी है, और नोटिफ़िकेशन सारे साल्ट लेक से लौटूँ, जेब में चाबी मन बोला धीरे, अब रहने दे, बाबी अब नहीं देखा, अब नहीं देखा, अब नहीं देखा, अब नहीं देखा अब नहीं देखा, अब नहीं देखा, अब नहीं देखा, अब नहीं देखा दिल ने छोड़ा वो पुराना नक्शा अब नहीं देखा, अब नहीं देखा, अब नहीं देखा, अब नहीं देखा बड़ाबाज़ार में, सब्ज़ी की थेली रिक्शे की घंटी, और बारिश अकेली मां ने पूछा, चेहरा क्यूँ सादा मैंने हँस के कहा, कुछ छूट गया था मेट्रो की भीड़ में, जेब में पड़ा था वो नाम जो पहले, हर रोज़ खड़ा था अब बस रूमाल है, और किराए की रसीद आँखों ने सीख ली, नई ही तरीक़ अब नहीं देखा, अब नहीं देखा, अब नहीं देखा, अब नहीं देखा अब नहीं देखा, अब नहीं देखा, अब नहीं देखा, अब नहीं देखा दिल ने छोड़ा वो पुराना नक्शा अब नहीं देखा, अब नहीं देखा, अब नहीं देखा, अब नहीं देखा कुम्हार टोली में, शाम का धुआँ फाइलें, कपड़े, और भिनभिनाता हुआ एक पल को रुका, फिर आगे बढ़ा आज मैं अपने ही नाम पर ठहरा अब नहीं देखा, अब नहीं देखा, अब नहीं देखा, अब नहीं देखा अब नहीं देखा, अब नहीं देखा, अब नहीं देखा, अब नहीं देखा दिल ने छोड़ा वो पुराना नक्शा अब नहीं देखा, अब नहीं देखा, अब नहीं देखा, अब नहीं देखा
