अब नहीं चाहिए
Trained classical, quit at 20 to make pop his teacher would hate
the numbers
- bpm
- 99
- key
- F minor
- energy
- 0.71
- dance
- 0.95
- valence
- 0.56
- vocal at
- 4.6s
- length
- 3:35
- language
- Hi
lyrics
मैं फिर से आया, हावड़ा की धूप में पुरानी सीढ़ी पर जमी है धूल अभी दरवाज़ा खुला, मगर कुंडी चुप सी है रसोई में पड़ी है वही टूटी हुई चाबी चाय की प्याली में ठंडा सा पानी घड़ी ने बारह भी कई बार गिना तेरी बेंच पर अब कोई बैठा है मेरा नाम भी किसी ने नहीं लिया अब नहीं चाहिए अब नहीं चाहिए अब नहीं चाहिए अब नहीं चाहिए यहाँ की दीवारें, मुझे पहचानती नहीं गली के मोड़ पर सब्ज़ीवाला बदला काँच की दुकान पर नया सा ताला लगा खिड़की के पास वो नीली परदा है पर उसके पीछे भी खालीपन बसा अब नहीं चाहिए अब नहीं चाहिए अब नहीं चाहिए अब नहीं चाहिए यहाँ की दीवारें, मुझे पहचानती नहीं मैंने सूटकेस रखा, बस दो मिनट के लिए काँसे की थाली में ठंडा पड़ा अचार माँ ने जो डब्बा भेजा था कल शाम उसमें भी अब मेरा सा कुछ नहीं बचा अब नहीं चाहिए अब नहीं चाहिए अब नहीं चाहिए अब नहीं चाहिए यहाँ की दीवारें, मुझे पहचानती नहीं
