छल्ला मेरे पास रहे
Trained classical, quit at 20 to make pop his teacher would hate
the numbers
- bpm
- 99
- key
- F minor
- energy
- 0.70
- dance
- 0.96
- valence
- 0.58
- vocal at
- 7.0s
- length
- 2:59
- language
- Hi
lyrics
मैंने मोड़ के दी चाबी, हाथ में रह गया छल्ला हावड़ा के नीचे मेट्रो, भीगा-सा मेरा पल्ला तूने बोला “रख ले ये,” बस नज़र मिली हल्की मैंने कहा “ठीक है,” पर उँगलियाँ रहीं चलकी न्याय बाज़ार से लौटा, जेब में तेरा नाम था लोहे की उस रिंग पर, छोटा-सा मेरा काम था दरवाज़ा बंद हुआ तो, दिल ने फिर आवाज़ की चाबी तो वापस दी, पर याद नहीं छोड़ी छल्ला मेरे पास रहे छल्ला मेरे पास रहे छल्ला मेरे पास रहे छल्ला मेरे पास रहे रात को पार्क स्ट्रीट से, फूँकें चाय की उठीं तूने जब बैग खोला, दोनों हथेली सिमटीं चाबी तेरी मेज़ पर, साफ़ सफ़ेद रुमाल में मैंने रख ली रिंग अपनी, जेब के उस ख्याल में छल्ला मेरे पास रहे छल्ला मेरे पास रहे छल्ला मेरे पास रहे छल्ला मेरे पास रहे तूने कहा, “बस इतना,” और मैं चुपचाप हँस पड़ा छल्ला उँगली पर घूमा, जैसे कोई वादा रहा कदम पड़ा कॉलेज स्ट्रीट, पेड़ों के नीचे शाम थी चाबी तो लौट गई थी, रिंग में अब भी जान थी छल्ला मेरे पास रहे छल्ला मेरे पास रहे छल्ला मेरे पास रहे छल्ला मेरे पास रहे
