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Arjun Dey

आज कोई था, जो मेरे साथ रहा

Trained classical, quit at 20 to make pop his teacher would hate

the numbers

bpm
99
key
E minor
energy
0.70
dance
0.96
valence
0.45
vocal at
9.0s
length
2:57
language
Hi

lyrics

सुबह की चाय ठंडी पड़ी, मैं भीगा बस स्टैंड

फ़ाइल के कोने मुड़े हुए, हाथ में टूटा बैग

न्यू मार्केट की भीड़ में, चेहरा था कागज़-सा

एक अनजान ने छाता रखा, बोला “भाई, साथ चल”

जूते में पानी, जेब में किराया कम

उसने रास्ता छोड़ा मेरे लिए, एकदम नरम

मेरी थकी हुई आँखों में, थोड़ी सी हवा आई

उसने जेब से सिक्का दिया, फिर मुस्कान बढ़ाई

ज़रा ठहर, ज़रा ठहर, ज़रा ठहर, ज़रा ठहर

आज कोई था, जो मेरे साथ रहा

ज़रा ठहर, ज़रा ठहर, ज़रा ठहर, ज़रा ठहर

मेरे टूटे दिन में, मीठा हाथ रहा

लाल कप की चाय, बाल्टी गली की दुकान

उसने मेरी गिरी हुई पर्ची, उठाई बड़े ध्यान

सीढ़ी पर बैठ के बोला, “आज मत भाग ज़रा”

उसके छोटे-से नाम ने, दिन का भार रख दिया

ज़रा ठहर, ज़रा ठहर, ज़रा ठहर, ज़रा ठहर

आज कोई था, जो मेरे साथ रहा

ज़रा ठहर, ज़रा ठहर, ज़रा ठहर, ज़रा ठहर

मेरे टूटे दिन में, मीठा हाथ रहा

शाम को मैं लौट रहा था, हावड़ा की तरफ

जेब में वही सिक्का था, और दिल में कम शोर

उस अजनबी की उँगलियों से, उतर गई थी धूल

मैंने पहली बार उस दिन, खुद को रखा थोड़ा क़ीमत

ज़रा ठहर, ज़रा ठहर, ज़रा ठहर, ज़रा ठहर

आज कोई था, जो मेरे साथ रहा

ज़रा ठहर, ज़रा ठहर, ज़रा ठहर, ज़रा ठहर

मेरे टूटे दिन में, मीठा हाथ रहा
आज कोई था, जो मेरे साथ रहा — Arjun Dey · FERAL