दादी नहीं मानें, नहीं मानें
Trained classical, quit at 20 to make pop his teacher would hate
the numbers
- bpm
- 99
- key
- F major
- energy
- 0.72
- dance
- 0.96
- valence
- 0.59
- vocal at
- 1.6s
- length
- 2:52
- language
- Hi
lyrics
काली घड़ी, काँच की मेज़ दादी बोली, “देख के भेज” हावड़ा से आई नीली शॉल उसके आगे सबका हाल कप में चाय, इलायची की गंध आँखों में उसका पुराना दंभ जो भी सर हिलाए, दादी कहे “अभी नहीं, पहले और देख ले” दादी नहीं मानें, नहीं मानें दादी नहीं मानें, नहीं मानें दादी नहीं मानें, नहीं मानें दादी नहीं मानें, नहीं मानें पार्क स्ट्रीट की सुबह, साढ़े नौ दरवाज़े पर जूते, गीला तौलिए का पोंछा उसने कहा “हाँ” तो हँस पड़ी रात दादी ने रख दी काजू की बात दादी नहीं मानें, नहीं मानें दादी नहीं मानें, नहीं मानें दादी नहीं मानें, नहीं मानें दादी नहीं मानें, नहीं मानें कांच की चूड़ियाँ, लाली की डिब्बी माथे की बिंदी, और उसकी नज़्में सच्ची सबने सर हिलाया, पर दादी ने कहा “मेरी कुर्सी के आगे, अभी तुम कहाँ?” दादी नहीं मानें, नहीं मानें दादी नहीं मानें, नहीं मानें दादी नहीं मानें, नहीं मानें दादी नहीं मानें, नहीं मानें
