तुम्हारी कॉफी
Trained classical, quit at 20 to make pop his teacher would hate
the numbers
- bpm
- 99
- key
- E minor
- energy
- 0.68
- dance
- 0.94
- valence
- 0.47
- vocal at
- 6.6s
- length
- 3:02
- language
- Hi
lyrics
Park Street के मोड़ पे तू बोला, “एक काली, कम चीनी” मैंने पहली ही घूंट में सोचा ये आदत है कितनी अजीब सी कप पे तेरा नाम लिखा बिल की पर्ची मोड़ के रखी तू हँसा, “बस एक बार सुन” और मेरी यादों में बैठी दूसरी मुलाकात नहीं फिर भी तू जान गया मेरे हाथ की थरमस तूने टेबल पे रख दिया तुम्हारी कॉफी तुम्हारी कॉफी तुम्हारी कॉफी तुम्हारी कॉफी एक बार सुन के दिल ने मान लिया साउथ सिटी के कैफे में रात आठ बजकर बीस तूने बिना पूछे ही मँगाई वही कप, वही तीखी सी मेरी उँगली पर चीनी तेरे कागज़ पर दाग लगा तू बोला, “बस इतना ही?” मैं हँसा, और मन जाग उठा तुम्हारी कॉफी तुम्हारी कॉफी तुम्हारी कॉफी तुम्हारी कॉफी एक बार सुन के दिल ने मान लिया नीले मग की किनारी तेरी अंगूठी की चमक मैंने रख दी खिड़की पर वो छोटी-सी गर्मी, वो कसक तू पास आया, धीमे से “दूध कम, चीनी नहीं?” मैंने आँखें झुका लीं हाँ, तू मेरी आदत सही तुम्हारी कॉफी तुम्हारी कॉफी तुम्हारी कॉफी तुम्हारी कॉफी एक बार सुन के दिल ने मान लिया
